ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टी 20 की तुलना में चहल को कनकशन के तौर पर इस्तेमाल करने की वजह से टीम इंडिया विवादों के घेरे में हैं। चहल ने हालांकि साफ किया है कि वह किसी भी तरह का दबाव महसूस नहीं कर रहे हैं। जडेजा के कनकशन के तौर पर मैदान में उतरकर चहल ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में 25 रन देकर तीन अहम विकेट लिए और मैन ऑफ द मैच का खिताब हासिल किया।

व्हेल को मैच की शुरुआत में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बनाया गया था। चहल ने कहा, ” जब हम बल्लेबाजी कर रहे थे तो मुझ पर कोई दबाव नहीं था और फिर अचानक से मुझे पता चला कि मैं खेल रहा हूं। मैंने काफी सारे मैच खेले हैं तो मैं मानसिक रूप से फिट था। ”

चहल ने कहा कि वनडे श्रृंखला में उन्होंने प्रतिद्वंद्वी टीम के लेग स्पिनर एडम जाम्पा से कुछ चीजें सीखीं और इससे आस्ट्रेलियाई विकेट पर अच्छी गेंदबाजी करने में मदद मिली। उन्होंने कहा, ” मैंने अपनी विषमताओं की क्षमताओं से सीख ली। वनडे में मैंने गेंद को काफी फ्लाइट किया था लेकिन यहां मैंने जाम्पा को गेंदबाजी करते हुए देखा, मैंने भी ऐसा ही की कोशिश की। ”

चहल ने पहली पारी में बल्लेबाजी करने को मुश्किल बताया। स्टार खिलाड़ी ने कहा, ” पहली पारी में रन बनाना थोड़ा मुश्किल था। इस विकेट पर 150-160 रन का स्कोर भी अच्छा है। मैंने अपनी योजना के अनुसार गेंदबाजी की। ”

बता दें कि भारतीय पारी के आखिरी ओवर में बल्लेबाजी करते हुए रवींद्र जडेजा के हेलीकॉप्टर पर गेंद लग गई थी। इनिंग ब्रेक के दौरान टीम इंडिया ने रेफरी से जडेजा का कनकसन इस्तेमाल करने की मांग की। रेफरी ने इस मांग को स्वीकार कर लिया और चहल को जडेजा के स्थान पर मैच के बीच में ही खेलने का मौका मिला।

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