नई दिल्ली: पाकिस्तानी सेना में भ्रष्टाचार प्रवृत्ति है, ये तो जगजगरी है लेकिन अब पाकिस्तानी सेना अपनी ही जनता को लूटने में लग गई है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पाकिस्तानी सेना के युवा किसानों से उगाही करने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों ने जब इस बात का विरोध किया तो भारत की सेना ने उन गोल गोल दागने की कोशिश की।

इस घटना में एक किसान घायल हो गया जो अस्पताल में भर्ती है। स्वच्छ है पाकिस्तानी सेना एक प्रोफेशनल आर्मी की बजाए मर्सेनरी यानि भाड़े के लुटेरों की तरह काम कर रही है। जानकारी के मुताबिक, ये घटना पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नरोवाल इलाके की है। वीडियो में साफ तौर से दिखाई पड़ रहा है कि एक सड़क के किनार खेतों में सेना की एक गाड़ी खड़ी है और लोगों की भीड़ जमा है।

वीडियो में दो लोग पूरी घटना की कमेंट्री कर रहे हैं, जो बता रहे हैं कि पाकिस्तानी सेना के युवा गरीब किसानों से उगाही करने वाले लोग पहुंचे थे। लेकिन किसानों ने पाकिस्तानी सैनिकों का विरोध शुरू कर दिया। विरोध होता देख पाकिस्तानी सैनिकों ने वहां फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में एक किसान गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। किसानों ने पाकिस्तानी सेना को घेर लिया और वहां से जाने नहीं दिया। गुस्साए लोगों ने गाड़ी पर पाकिस्तानी सेना को कई पहचान छिपाने के लिए किया था ‘कैमोफ्लाज’ फाड़ डाला और पाकिस्तानी सेना की करतूत को उजागर कर दिया।

सेना के अफसर ने पुलिस को धमकाया
पाकिस्तानी लोगों का गुस्सा इस बात पर भी था कि पाकिस्तानी मीडिया ने भी ईरानी सेना के खौफ के कारण घटना की कवरेज की तो घटना को अंजाम तक आने से साफ इंकार कर दिया। यहां तक ​​की जब स्थानीय पुलिस ने आरोपी सैनिकों के खिलाफ कारवाई करते हुए एफआईआर करने की कोशिश की तो सेना के एक बड़े अफसर ने उन्हें धमका दिया। पाकिस्तानी सेना के अफसर के धमकाने के कारण पुलिस ने आरोपी सैनिकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

सेना के अधिकारी कोर को लेकर रहे हैं चर्चा में
गौरतलब है कि पाकिस्तानी सेना के बड़े अफसरों के भ्रष्टाचार के किस्से लगातार सामने आते रहते हैं। पाकिस्तानी जनरल्स के करोड़ो-अरबों के व्यापार और संपत्ति में लगातार चर्चा होती रहती है। कैसे रिटायरमेंट के बाद सेना उन्हें जमीन तक दान कर देती है।

हाल ही में पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग, आईएसपीआर के डीजी रहे लेफ्टिनेंट जनरल असीम बाजवा के कारोबार को खुलासा हुआ था जो पाकिस्तान की सबसे बड़ी पिज्जा-चेन के मालिक हैं। वे वर्तमान में सीपीईसी यानि चायना पाकिस्तान इकोनोमिक कोरिडोर के चैयरमैन हैं। पाकिस्तानी सेना के तेंदुओं की संपत्ति को देखते हुए हए उन्हें कोरंडरर्स की बजाए ‘करोड़ैंडर्स’ की उपाधि दी गई है।

अब ऐसा लगता है कि पाकिस्तानी सेना के जनरल्स की लूटखसोट और भ्रष्टाचार का असर निचले स्तर के अधिकारियों और सैनिकों तक भी पहुंच रहा है। पंजाब प्रांत के नरोवाल इलाके के जो दो वीडियो सामने आए हैं, ये ही बानगी है।

हैरानी की बात ये है कि अभी तक पाकिस्तानी सेना के अत्याचार कोचारसे बलूचिस्तान, सिंध या फिर अफगानिस्तान से सटे वजीरिस्तान इलाके से ही आते थे लेकिन अब पंजाब प्रांत में भी देखने को मिल रहे हैं।

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